तुलसीदास – कवि परिचय, दो रचनाएँ, भावपक्ष – कलापक्ष, साहित्य में स्थान | Tulsidas ki do Rachnaye, Bhavpaksh, kalapaksha, Sahitya me Sthan

प्रश्न : तुलसीदास की काव्यगत विशेषताएँ निम्नांकित बिंदुओं के अन्तर्गत लिखिए – (1) दो रचनाएँ (2) भावपक्ष (3) कलापक्ष (4) साहित्य में स्थान
रचनाएँ
Trick : विनय और राम दो कवि हैं।
विनय पत्रिका रामचरितमानस दोहावली कवितावली
भावपक्ष
तुलसीदास राम भक्ति शाखा के प्रमुख कवि थे। रामभक्त होते हुए भी सभी देवी-देवताओं की वन्दना की। ये सगुण ईश्वर को मानते थे और तुलसीदास का दृष्टिकोण अत्यंत व्यापक एवं समन्वयवादी था। कविवर तुलसीदास हिन्दी के श्रेष्ठ कवि के साथ-साथ समाज-सुधारक भी माने गये। इसके लिए उन्होंने काव्य शास्त्र को माध्यम बनाकर हिन्दी साहित्य को श्रेष्ठ रचनाएँ प्रदान कीं।
कलापक्ष
इनकी भाषा संस्कृतनिष्ठ है। भाषा में अवधि एवं ब्रजभाषा के शब्दों के साथ-साथ कहीं-कहीं अरबी, फारसी, बंगाली, पंजाबी भाषा का प्रयोग भी मिलता है। मुख्य रूप से अवधी का प्रयोग हुआ है।इन्होंने प्रबन्ध और मुक्तक दोनों शैलियों को अपनाया है। दोहा, चौपाई, कवित्त, सवैया आदि छन्दों का प्रयोग किया है।
साहित्य में स्थान
तुलसीदास का साहित्य में सर्वोपरी स्थान माना गया है।इनको हिन्दी साहित्याकाश का सूर्य माना जाता है।

Letest Post
- एमपी बोर्ड कक्षा 12वीं लेखाशास्त्र पेपर त्रैमासिक परीक्षा 2026-27 | MP Board Quarterly Exam 2026 Class 12th Accountancy Paper PDF
- एमपी बोर्ड कक्षा 12वीं इतिहास पेपर त्रैमासिक परीक्षा 2026-27 | MP Board Quarterly Exam 2026 Class 12th History Paper PDF
- एमपी बोर्ड कक्षा 12वीं रसायन शास्त्र पेपर त्रैमासिक परीक्षा 2026-27 | MP Board Quarterly Exam 2026 Class 12th Chemistry Paper PDF
- एमपी बोर्ड कक्षा 12वीं गणित पेपर त्रैमासिक परीक्षा 2026-27 | MP Board Quarterly Exam 2026 Class 12th Maths Paper PDF
- एमपी बोर्ड कक्षा 12वीं जीव विज्ञान पेपर त्रैमासिक परीक्षा 2026-27 | MP Board Quarterly Exam 2026 Class 12th Biology Paper PDF
